सामने वाले के प्रभामंडल को कैसे जाने?

सामने वाले के प्रभामंडल को यानी औरा को देखकर उसके स्वभाव को कैसे जाने?

हमारे शरीर के अंदर अलौकिक शक्तियो का खजाना भरा पडा है. प्रभामंडल हमारे ब्यक्तित्व की पहचान है. यह हमारे ब्यक्तित्व को दर्शाता है. ब्यक्ति के चेहरे के चारो तरफ उर्जा या प्रभामंडल जितनी घनी व बडी होगी उतनी उतना ही आपका ब्यक्तित्व प्रभावशाली होता है.  जब प्रभामंडल बढता है तब चेहरे पर चमक आ जाती है. हमारे विचारो के आधार पर ही प्रभामंडल कम ज्यादा होता है. निगेटिव विचार करने पर यानी नकारात्मक विचार करने पर चेहरे पर चमक खत्म हो जाती है चेहरा बिमार सा नजर आता है.

प्रभामंडल को ३ भागो मे बाटा गया है.

  • पहला सामान्य प्रभामंडल
  • दूसरा दिव्य प्रभामंडल
  • तीसरा ब्रह्म प्रभामंडल

सामान्य ब्यक्तियो मे प्रभामंडल ३ से ५ इंच के बीच होता है ऐसे ब्यक्तियो को हम स्वस्थ कह सकते है

दिव्य प्रभामंडल 6 से 12  इंच के बीच होता है ऐसे लोग अध्यात्मिक क्षेत्र से जुडे हो सकते है. किसी भी किस्म का अध्यात्मिक उपचार करने वाले जैसे रेकी, प्राणिक हीलिंग, टैरो रीडिंग वाले भी हो सकते है.

ब्रम्ह प्रभामंडल १३ से १८ इंच के बीच का माना जाता है ये प्रभामंडल देवी-देवताओ का प्रभामंडल माना जाता है. मैने अपनी जिंदगी मे किसी भी ब्यक्ति का प्रभामंडल १२ से १८ इंच के बीच का नही देखा.

अपने भारत देश मे बहुत से लोग है तो अपने आपको भगवान की श्रेणी मे रखते है जब मै इन लोगो का प्रभामंडल देखता हु तो यह प्रभामंडल ३ से ६ इंच के बीच का नजर आता है यहा तक कि कुछ लोगो का प्रभामंडल सामान्य प्रभामंडल ही ३ से ५ इंच के बीच रहा है. इसका अर्थ यह हुआ कि इनके अंदर क्षमता कुछ भी नही है, सिर्फ दिखावा कर रहे है.

आप स्वयं अपना प्रभामंडल देख सकते है और अपनी क्षमता को पहचान सकते है. आप सामने वाले ब्यक्ति को देखकर उसकी क्षमता को भी पहचान सकते है. अगर सामने वाला ब्यक्ति अपने आपको संत- महा संत- योगी या अध्यात्मिक क्षमता का जानकार बता रहा है तो उसके प्रभामंडल को देखकर आप अंदाज लगा सकते है कि वह आपसे सच कह रहा है या झूठ कह रहा है.

प्रभामंडल को बढाने के लिये कुछ विधी और कुछ नियम है जैसे कि…

  • हमेशा सकरात्मक विचार करे यानी निगेटिव विचार न करे.
  • रोज ध्यान-प्राणायाम का अभ्यास करे
  • लोगो के बारे मे बुरा सोचने की जगह अपने परिवार के उन्नति के बारे सोचे.
  • अगर आप योग, ध्यान-प्राणायाम, कुंडलिनी या त्राटक का अभ्यास कर रहे है तो उसे नियमित रखे.
  • दिन मे ५ मिनट अध्यात्मिक किताबे पढे.
  • स्त्रियो के लिये यह प्रभामंडल का बहुत ही ज्यादा लाभकारक है

अब जाने हम अपना प्रभामंडल कैसे देख सकते है

एक शांत कमरे को चुनाव करे. अपने मोबाईल या दरवाजे की घंटी को बंद कर से. ढीले-ढाले कपडे पहने. कमरे मे रोशनी कम रखे. अपने सामने ऐसी अलमारी का चुनाव करे जिसमे लंबा शीशा लगा हो, और उसमे आपका आधे से ज्यादा शरीर नजर आ रहा हो. अब आप शीशे के सामने खडे हो जाये और अपने बालो के आस-पास ध्यान केंद्रित करे. कुछ देर बाद आपको धुंधली से रोशनी बालो के आस-पास नजर आने लगेगी. यह अभ्यास सिर्फ ५ मिनट तक ही करे. यह अभ्यास आप शाम को भी कर सकते है. इस तरह से यह अभ्यास १०-१५ दिन हो जाने पर आप देखेंगे कि आपको बहुत ही साफ-साफ रोशनी दिखाई देने लगती है.

आप स्वयं के ऊपर भी अनुभव कर सकते है कि जब आप चिंता या तनाव मे रहते है, तो आपका प्रभामंडल कमजोर दिखाई देगा या बहुत ही हल्का दिखाई देगा. और अगर आप बहुत ही अच्छे मूड मे होंगे तो प्रभामंडल बहुत ही चमकीला दिखाई देगा.

यहा पर आप अपनी क्षमताओ को भी देख सकते है.अगर आप अध्यात्मिल क्षेत्र मे अभ्यास कर रहे है तब आप देखेंगे कि आपका प्रभामंडल ५ इंच से बडा दिखाई देना शुरु हो जायेगा. जैसे-जसे आपका अभ्यास बढना शुरु हो जाता है, आप देखेंगे कि वैसे वैसे प्रभामंडल भी बढता जा रहा है.

अगर आप किसी को गुरु बनाने जा रहे है, तो सबसे पहले उसका प्रभामंडल जरूर देख ले. अगर आपके प्रभामंडल से उसका प्रभामंडल ज्यादा बडा व चमकीला है तो ही आपको उसे अपना गुरु बनाना चाहिये.

प्रभामंडल से लाभ  क्या क्या मिलते है

  • आपसे बात करते समय सामने वाले व्यक्ति का प्रभामंडल हल्का दिखाई दे रहा हो तो आप समझ जाये कि वह ब्यक्ति बिमार है.
  • आपसे बात करते समय सामने वाले व्यक्ति का प्रभामंडल की चमक कभी कम या कभी ज्यादा दिखाई दे रही है तो आप समझ जाये कि सामने वाला ब्यक्ति आपसे झूठ बोल रहा है.
  • आपसे बात करते समय सामने वाले व्यक्ति का प्रभामंडल की चमक कभी कम या कभी ज्यादा होने के साथ गले के आस-पास का भाग हल्का काला दिखाई दे तो आप समझ जाये कि सामने वाला ब्यक्ति आपसे झूठ बोलने के साथ ही आपको फसाने की भी चाल चल रहा है.

इसके अलावा प्रभामंडल मे अलग-अलग रंग भी दिखाई देते है, जिसका अलग अलग अर्थ होता है. इसे आप औरा रीडिंग कोर्स मे सीख सकते है. फिर भी अगर आप यह अभ्यास करते है. तो आप सामने वाले की बुरी नजरो से, या नुकसान पहुचाने वाले स्वभाव से बच सकते है.

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